चाँद

बिन बहार के फूल सजर पर आ ही गये
सरद के पहले धुंध शहर पर छा ही गये
कल हम एक दोस्त की शादी जब पहुँचे
तो वो हसीन चाँद नजर पर आ ही गये

चाँद

Name: चाँद

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बिन बहार के फूल सजर पर आ ही गये
सरद के पहले धुंध शहर पर छा ही गये
कल गया था मैं एक दोस्त की साथी में
वहाँ वो हसीन चाँद नजर को भा ही गये

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