अन्जान

अन्जान…… जनवरी की सर्द रात थी और घर में इस कदर सन्नाटा पसरा था मानो सांसें लेने की भी आवाज न सुनाई दे रही हो।रिया घर में बिलकुल अकेली थी। घडी़ की सुइयों ने टिक टिक करके 9बजा दिये थे…

हार से हार

 #हार से हार उसकी हिम्मत जवाब दे गयी थी और आँखों के सामने जैसे अँधेरा सा छा गया था । आँख खुली तो अपने आपको हॉस्पिटल में पाया। चारों तरफ नज़र घुमा उसने फिर अपनी आँखें मूंद ली। कमरे में…

मायके की चिड़िया

“कहाँ रह गयी.कब से रो रहा है अंश.पता नही कैसे काम करती है पूरा दिन काम ही ख़त्म नही होता इसका”…अदिति की सास ने झल्लाते हुए आवाज़ लगाई उसे. आटे से सने हाथ जल्दी से धोकर आयी अदिति बोली……”क्या हुआ…

धन की बात 

धन की बात  आज “धन” आया था मेरे पास। मैं उसको देखकर प्रसन्न हो गया, दुआ, सलाम के बाद मैंने उससे उससे पूछा की- कहाँ ग़ायब हो गए थे भई ? बहुत दिनों बाद दिखाई दिए ? धन हँसते हुए…

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